Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 115.38

आज्ञापय कुरुश्रेष्ठ सर्वशस्त्रभृतां वर
प्रेष्योऽहं तव दुर्धर्ष क्रियतां किं पितामह

पूरा अध्याय