Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 128.35

महेश्वर उवाच
रहस्यश्रवणं धर्मो वेदव्रतनिषेवणम्
व्रतचर्यापरो धर्मो गुरुपादप्रसादनम्

पूरा अध्याय