ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 15सूक्त 1212.4अथर्ववेद 12.4स य ए॒वं वि॒दुषा॒ व्रात्ये॒नाति॑सृष्टो जु॒होति॑ ॥४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय