ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 15सूक्त 1212.3अथर्ववेद 12.3स चा॑तिसृ॒जेज्जु॑हु॒यान्न चा॑तिसृ॒जेन्न जु॑हुयात् ॥३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय