ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 15सूक्त 1212.5अथर्ववेद 12.5प्र पि॑तृ॒याणं॒ पन्थां॑ जानाति॒ प्र दे॑व॒यान॑म् ॥५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय