ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 12सूक्त 55.2अथर्ववेद 5.2स॒त्येनावृ॑ता श्रि॒या प्रावृ॑ता॒ यश॑सा॒ परी॑वृता ॥२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय