ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 12सूक्त 55.1अथर्ववेद 5.1श्रमे॑ण॒ तप॑सा सृ॒ष्टा ब्रह्म॑णा वि॒त्तर्ते श्रि॒ता ॥१॥अगलापूरा अध्याय