ग्रंथअथर्ववेदकाण्ड 12सूक्त 55.3अथर्ववेद 5.3स्व॒धया॒ परि॑हिता श्र॒द्धया॒ पर्यू॑ढा दी॒क्षया॑ गु॒प्ता य॒ज्ञे प्रति॑ष्ठिता लो॒को नि॒धन॑म् ॥३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय