Utshovऐप डाउनलोड करें

शुक्ल यजुर्वेद (काण्व) 3.57

(५) ५६
पू॒र्णा द॑र्वि॒ परा॑ पत॒ सुपू॑र्णा॒ पुन॒रा प॑त । व॒स्नेव॒ विक्री॑णावहा॒ इष॒मूर्जᳪ शतक्रतो ॥१॥

पूरा अध्याय