Utshovऐप डाउनलोड करें

शुक्ल यजुर्वेद (काण्व) 3.32

स नः॑ पि॒तेव॑ सू॒नवेऽग्ने॑ सूपाय॒नो भ॑व । सच॑स्वा नः स्व॒स्तये॑ ॥१६॥

पूरा अध्याय