Utshovऐप डाउनलोड करें

शुक्ल यजुर्वेद (काण्व) 13.79

ओष॑धी॒रिति॑ मातर॒स्तद्वो॑ देवी॒रुप॑ब्रुवे । स॒नेय॒मश्वं॒ गां वास॑ आ॒त्मानं॒ तव॑ पूरुष ॥४॥

पूरा अध्याय