Utshovऐप डाउनलोड करें

शुक्ल यजुर्वेद (काण्व) 13.76

(५) ७५
या ओष॑धीः॒ पूर्वा॑ जा॒ता दे॒वेभ्य॑स्त्रियु॒गं पु॒रा । मनै॒ नु ब॒भ्रूणा॑म॒हᳪ श॒तं धामा॑नि स॒प्त च॑ ॥१॥

पूरा अध्याय