ग्रंथवाल्मीकि रामायणउत्तरकाण्डसर्ग 6565.26वाल्मीकि रामायण 65.26स भोजनं वसिष्ठाय पत्न्या सार्धमुपाहरत् । मदयन्त्या नरव्याघ्र सामिषं रक्षसा हृतम् ।। ७.६५.२६ ॥पिछलाअगलापूरा अध्याय