ग्रंथवाल्मीकि रामायणउत्तरकाण्डसर्ग 44.23वाल्मीकि रामायण 4.23केनचित्त्वथ कालेन राम सालकटङ्कटा । विद्युत्केशाद्गर्भमाप घनराजिरिवार्णवात् ।। ७.४.२३ ॥पिछलाअगलापूरा अध्याय