ग्रंथवाल्मीकि रामायणउत्तरकाण्डसर्ग 3636.42वाल्मीकि रामायण 36.42न ह्येष राम सुग्रीवो भ्राम्यमाणो ऽपि वालिना । । ७.३६.४२ ॥पिछलाअगलापूरा अध्याय