ग्रंथवाल्मीकि रामायणउत्तरकाण्डसर्ग 3434.7वाल्मीकि रामायण 34.7एतानस्थिचयान्पश्य य एते शङ्खपाण्डुराः । युद्धार्थिनामिमे राजन्वानराधिपतेजसा ।। ७.३४.७ ॥पिछलाअगलापूरा अध्याय