ग्रंथवाल्मीकि रामायणउत्तरकाण्डसर्ग 3232.26वाल्मीकि रामायण 32.26इत्येवमर्जुनामात्यनाह गम्भीरया गिरा । अमात्याः क्षिप्रमाख्यात हैहयस्य नृपस्य वै ।। ७.३२.२६ ॥पिछलाअगलापूरा अध्याय