ग्रंथवाल्मीकि रामायणउत्तरकाण्डसर्ग 3232.25वाल्मीकि रामायण 32.25स रोषाद्रक्तनयनो राक्षसेन्द्रो बलोद्धतः । । ७.३२.२५ ॥पिछलाअगलापूरा अध्याय