ग्रंथवाल्मीकि रामायणउत्तरकाण्डसर्ग 2626.44वाल्मीकि रामायण 26.44लुलिताकुलकेशान्ता करवेपितपल्लवा । पवनेनावधूतेव लता कुसुमशालिनी ।। ७.२६.४४ ॥पिछलाअगलापूरा अध्याय