ग्रंथवाल्मीकि रामायणउत्तरकाण्डसर्ग 103103.9वाल्मीकि रामायण 103.9तस्मै रामो महातेजाः पूजामर्घ्यपुरोगमाम् । ददौ कुशलमव्यग्रं प्रष्टुमेवोपचक्रमे ।। ७.१०३.९ ॥पिछलाअगलापूरा अध्याय