ग्रंथवाल्मीकि रामायणउत्तरकाण्डसर्ग 1010.38वाल्मीकि रामायण 10.38नन्दने ऽप्सरसः सप्त महेन्द्रानुचरा दश । अनेन भक्षिता ब्रह्मन्नृषयो मानुषास्तथा ।। ७.१०.३८ ॥पिछलाअगलापूरा अध्याय