ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 9696.36वाल्मीकि रामायण 96.36ध्वजाग्रे न्यपतद्गृध्रो विनेदुश्चाशिवं शिवाः। नयनं चास्फुरद्वामं सव्यो बाहुरकम्पत ।। ६.९६.३६ ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय