Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 95.33

दैवतैस्तु समागम्य सर्वैश्चेन्द्रपुरोगमैः।
वृषध्वजस्त्रिपुरहा महादेवः प्रसादितः ।। ६.९५.३४ ।।

पूरा अध्याय