Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 93.62

कथं नाम दशग्रीव साक्षाद्वैश्रवणानुज।
हन्तुमिच्छसि वैदेहीं क्रोधाद्धर्ममपास्य हि ।। ६.९३.६२ ।।

पूरा अध्याय