ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 9191.71वाल्मीकि रामायण 91.71सन्धाय धनुषि श्रेष्ठे विकर्षन्निदमब्रवीत्। लक्ष्मीवाँल्लक्ष्मणो वाक्यमर्थसाधकमात्मनः ।। ६.९१.७१ ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय