ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 7979.34वाल्मीकि रामायण 79.34स च्छिन्नो नैकाधा शूलो दिव्यहाटकमण्डितः। व्यशीर्यत महोल्केव रामबाणार्दितो भुवि ।। ६.७९.३४ ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय