ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 7676.40वाल्मीकि रामायण 76.40आकर्णाकृष्टमुक्तेन जघान द्विविदं तदा। तेन हाटकपुङ्खेन पत्रिणा पत्रवाससा ।। ६.७६.४० ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय