ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 7575.60वाल्मीकि रामायण 75.60तेषां भुजपरामर्शव्यामृष्टपरिघाशनि। राक्षसानां बलं श्रेष्ठं भूयस्तरमशोभत ।। ६.७५.६० ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय