Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 74.60

स ब्रह्मकोशं रजतालयं च शक्रालयं रुद्रशरप्रमोक्षम्।
हयाननं ब्रह्मशिरश्च दीप्तं ददर्श वैवस्वतकिङ्करांश्च ।। ६.७४.५९ ।।

पूरा अध्याय