वाल्मीकि रामायण 73.62
स बाणवर्षैरभिवर्ष्यमाणो धारानिपातानिव तानचिन्त्य।
समीक्षमाणः परमाद्भुतश्री रामस्तदा लक्ष्मणमित्युवाच ।। ६.७३.६२ ।।
स बाणवर्षैरभिवर्ष्यमाणो धारानिपातानिव तानचिन्त्य।
समीक्षमाणः परमाद्भुतश्री रामस्तदा लक्ष्मणमित्युवाच ।। ६.७३.६२ ।।