Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 73.18

स हविर्लाजसंस्कारैर्माल्यगन्धपुरस्कृतैः।
जुहुवे पावकं तत्र राक्षसेन्द्रः प्रतापवान् ।। ६.७३.१८ ।।

पूरा अध्याय