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वाल्मीकि रामायण 69.94

निमग्नतालुः स्फुटिताक्षितारो निष्क्रान्तजिह्वो ऽचलसन्निकाशः।
स तस्य वाजी निपपात भूमौ तलप्रहारेण विशीर्णमूर्धा ।। ६.६९.९४ ।।

पूरा अध्याय