ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 6464.3वाल्मीकि रामायण 64.3न हि राजा न जानीते कुम्भकर्ण नयानयौ। त्वं तु कैशोरकाद्धृष्टः केवलं वक्तुमिच्छसि ।। ६.६४.३ ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय