Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 62.3

स हेमजालिविततं भानुभास्वरदर्शनम् ।
ददर्श विपुलं रम्यं राक्षसेन्द्रनिवेशनम् ।। ६.६२.३ ।।

पूरा अध्याय