Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 59.96

तमाह सौमित्रिरविस्मयानो गर्जन्तमुद्वृत्तसिताग्रदंष्ट्रम् ।
राजन्न गर्जन्ति महाप्रभावा विकत्थसे पापकृतां वरिष्ठ ।। ६.५९.९७ ।।।।

पूरा अध्याय