ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 5959.79वाल्मीकि रामायण 59.79पावकात्मजमालोक्य ध्वजाग्रे समुपस्थितम् । जज्वाल रावणः क्रोधात्ततो नीलो ननाद च ।। ६.५९.८० ।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय