Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 56.13

स प्रसह्य महातेजा हनूमान् मारुतात्मजः ।
अभिदुद्राव तद्रक्षः कम्पयन्निव मेदिनीम् ।। ६.५६.१३ ।।।।

पूरा अध्याय