ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 5353.31वाल्मीकि रामायण 53.31हारकेयूरवस्त्रैश्च शस्त्रैश्च समलङ्कृता । भूमिर्भाति रणे तत्र शारदीव यथा निशा ।। ६.५३.३१ ।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय