ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 5252.15वाल्मीकि रामायण 52.15विवर्णवदना भूयो विप्रकीर्णशिरोरुहाः । मूढाः शोणितगन्धेन निपेतुर्धरणीतले ।। ६.५२.१५ ।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय