ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 5050.33वाल्मीकि रामायण 50.33महता पक्षवातेन सर्वद्वीपमहाद्रुमाः । निपेतुर्भिन्नविटपाः समूला लवणाम्भसि ।। ६.५०.३४ ।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय