ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 4747.19वाल्मीकि रामायण 47.19विध्वस्तकवचौ वीरौ विप्रविद्धशरासनौ । सायकैश्छिन्नसर्वाङ्गौ शरस्तम्बमयौ क्षितौ ।। ६.४७.१९ ।।।।पिछलाअगलापूरा अध्याय