ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 3636.5वाल्मीकि रामायण 36.5रक्षसाम् ईzवरम् माम् च देवतानाम् भयम् करम् । हीनम् माम् मन्यसे केन;अहीनम् सर्व विक्रमैः ॥६-३६-५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय