ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 3636.4वाल्मीकि रामायण 36.4मानुषम् कृपणम् रामम् एकम् zआखा मृग आzरयम् । समर्थम् मन्यसे केन त्यक्तम् पित्रा वन आलयम् ॥६-३६-४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय