ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 3535.1वाल्मीकि रामायण 35.1तेन शन्ख विमिश्रेण भेरी शब्देन राघवः । उपयतो महा बाहू रामह् पर पुरम् जयः ॥६-३५-१॥अगलापूरा अध्याय