ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 2222.19वाल्मीकि रामायण 22.19रत्न माल्य अम्बर धरः पद्म पत्र निभ ईक्षणः । सर्वपुष्पमयीम् दिव्याम् शिरसा धारयन् स्रजम् ॥६-२२-१९॥पिछलाअगलापूरा अध्याय