ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 105105.3वाल्मीकि रामायण 105.3बाणधारासहस्रैस्तैः स तोयद इवाम्बरात् । राघवं रावणो बाणैस्तटाकमिव पूरयत् ।। ६.१०५.३ ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय