ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 101101.38वाल्मीकि रामायण 101.38स मुहूर्तमनुध्याय बाष्पव्याकुललोचनः । बभूव संरब्धतरो युगान्त इव पावकः ।। ६.१०१.३८ ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय