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वाल्मीकि रामायण 100.20

एकमेकेन बाणेन त्रिभिस्त्रीन् दशभिर्दश।
लक्ष्मणस्य प्रचिच्छेद दर्शयन् पाणिलाघवम् ।। ६.१००.२० ।।

पूरा अध्याय