ग्रंथवाल्मीकि रामायणयुद्धकाण्डसर्ग 100100.19वाल्मीकि रामायण 100.19तान्मुक्तमात्रानाकाशे लक्ष्मणेन धनुष्मता। बाणान् बाणैर्महातेजा रावणः प्रत्यवारयत् ।। ६.१००.१९ ।।पिछलाअगलापूरा अध्याय