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वाल्मीकि रामायण 10.11

स राजदृष्टिसम्पन्नमासनम् हेमभूषितम् ।
जगाम समुदाचारम् प्रयुज्याचारकोविदः ॥६-१०-११॥

पूरा अध्याय